Jeremiah

43

Hindi O.V. (Re-edited)

1 जब यिर्मयाह उनके परमेश्‍वर यहोवा के वे सब वचन कह चुका, जिनके कहने के लिये उसने उसको उन सब लोगों के पास भेजा था,

2 तब होशाया के पुत्र अजर्याह और कारेह के पुत्र योहानान और सब अभिमानी पुरुषों ने यिर्मयाह से कहा, “तू झूठ बोलता है। हमारे परमेश्‍वर यहोवा ने तुझे यह कहने के लिये नहीं भेजा, ‘मिस्र में रहने के लिये मत जाओ;’

3 परन्तु नेरिय्याह का पुत्र बारूक तुझ को हमारे विरुद्ध उकसाता है कि हम कसदियों के हाथ में पड़ें और वे हम को मार डालें या बन्दी बना कर बेबीलोन को ले जाएँ।”

4 इसलिये कारेह का पुत्र योहानान और दलों के सब प्रधानों और सब लोगों ने यहोवा की यह आज्ञा न मानी कि वे यहूदा के देश में ही रहें।

5 पर कारेह का पुत्र योहानान और दलों के और सब प्रधान उन सब यहूदियों को जो अन्यजातियों के बीच तितर-बितर हो गए थे, और उनमें से लौटकर यहूदा देश में रहने लगे थे, वे उनको ले गए —

6 पुरुष, स्त्री, बाल-बच्‍चे, राजकुमारियाँ, और जितने प्राणियों को अंगरक्षकों के प्रधान नबूजरदान ने गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्र और शापान का पोता था, सौंप दिया था, उनको और यिर्मयाह भविष्यद्वक्‍ता और नेरिय्याह के पुत्र बारूक को वे ले गए;

7 और यहोवा की आज्ञा न मानकर वे मिस्र देश में तहपन्हेस नगर तक आ गए।  

8 तब यहोवा का यह वचन तहपन्हेस में यिर्मयाह के पास पहुँचा :

9 “अपने हाथ में बड़े पत्थर ले, और यहूदी पुरुषों के सामने उस ईंट के चबूतरे में जो तहपन्हेस में फ़िरौन के भवन के द्वार के पास है, चूना फेर के छिपा दे,

10 और उन पुरुषों से कह, ‘इस्राएल का परमेश्‍वर, सेनाओं का यहोवा यों कहता है : देखो, मैं बेबीलोन के राजा अपने सेवक नबूकदनेस्सर को बुलवा भेजूँगा, और वह अपना सिंहासन इन पत्थरों के ऊपर जो मैं ने छिपा रखे हैं, रखेगा; और अपना छत्र इनके ऊपर तनवाएगा।

11 वह आ के मिस्र देश को मारेगा, तब जो मरनेवाले हों वे मृत्यु के वश में, जो बन्दी होनेवाले हों वे बँधुआई में, और जो तलवार के लिये हैं वे तलवार के वश में कर दिए जाएँगे।

12 4KSu4KWI4KSCIOCkru Ckv+CkuOClje CksCDgpJXgp Ycg4KSm4KWH4KSKS+4KSy4KSv4KWL4KSCIOCkru Clh+Ckgi Dgp Ibgp Jcg4KSy4KSX4KS+4KSK4KSB4KSX4KS+Oy DgpJTgpLAg4KSKS5IOCkie CkqOClje Ckue Clh+Ckgi Dgp KvgpYHgpIHgpJXgpLXgpL4g4KSm4KWH4KSX4KS+IOCklOCksCDgp KzgpIHgp KfgpYHgp Ibgp Igg4KSu4KWH4KSCIOCksu Clhy Dgp JzgpL7gpI/gp JfgpLIOCklOCksCDgp Jzgp Yjgp LjgpL4g4KSV4KWL4KSIIOCkmu CksOCkte Ckvu Ckue Ckvi DgpIXgp Krgp KjgpL4g4KS1wp3gp LjgpY3gpKTgpY3gpLAg4KST4KSi4KSKSk4KS+IOCkue Cli Cwg4KSKWI4KSKS+IOCkue ClgCDgpLXgp Lkg4KSu4KS/4KSKWN4KSwIOCkpu Clh+Ckti DgpJXgp Ysg4KSKSu4KWH4KSfIOCksu Clh+Ckl+Ckvjsg4KSU4KSwIOCkpOCkrCDgp Kzgp Yfgp JbgpJ/gpJXgp Ycg4KSa4KSy4KS+IOCknOCkvu Ckj+Ckl+Ckvu ClpA==

13 वह मिस्र देश के सूर्यगृह के खम्भों को तुड़वा डालेगा; और मिस्र के देवालयों को आग लगाकर फुँकवा देगा।”

© Bible Society of India