Jeremiah

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Hindi O.V. (Re-edited)

1 फ़िरौन द्वारा गाज़ा नगर को जीत लेने से पहिले यिर्मयाह भविष्यद्वक्‍ता के पास पलिश्तियों के विषय यहोवा का यह वचन   पहुँचा :

2 “यहोवा यों कहता है : देखो, उत्तर दिशा से उमण्डनेवाली नदी देश को उस सब समेत जो उसमें है, और निवासियों समेत नगर को डुबो लेगी। तब मनुष्य चिल्‍लाएँगे, वरन् देश के सब रहनेवाले हाय-हाय करेंगे।

3 शत्रुओं के बलवन्त घोड़ों की टाप, रथों के वेग से चलने और उनके पहियों के चलने का कोलाहल सुनकर पिता के हाथ-पाँव ऐसे ढीले पड़ जाएँगे, कि वह मुँह मोड़कर अपने लड़कों को भी न देखेगा।

4 क्योंकि सब पलिश्तियों के नाश का दिन आता है; और सोर और सिदोन के सब बचे हुए सहायक मिट जाएँगे। क्योंकि यहोवा पलिश्तियों को जो कप्‍तोर नामक समुद्र तट के बचे हुए रहनेवाले हैं, उनको भी नष्‍ट करने पर है।

5 गाज़ा के लोग सिर मुँड़ाए हैं, अश्कलोन जो पलिश्तियों के नीचान में अकेला रह गया है, वह भी मिटाया गया है; तू कब तक अपनी देह चीरता रहेगा?

6 “हे यहोवा की तलवार! तू कब तक शान्त न होगी? तू अपनी मियान में घुस जा, शान्त हो, और थमी रह!

7 तू कैसे थम सकती है? क्योंकि यहोवा ने तुझ को आज्ञा देकर अश्कलोन और समुद्रतट के विरुद्ध ठहराया है।”

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