Malachi

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Hindi O.V. (Re-edited)

1 “क्योंकि देखो, वह धधकते भट्ठे का सा दिन आता है, जब सब अभिमानी और सब दुराचारी लोग अनाज की खूँटी बन जाएँगे; और उस आनेवाले दिन में वे ऐसे भस्म हो जाएँगे कि उनका पता तक न रहेगा  , सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।

2 परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे  ; और तुम निकलकर पाले हुए बछड़ों के समान कूदोगे और फाँदोगे।

3 तब तुम दुष्‍टों को लताड़ डालोगे, अर्थात् मेरे उस ठहराए हुए दिन में वे तुम्हारे पाँवों के नीचे की राख बन जाएँगे, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।

4 “मेरे दास मूसा की व्यवस्था अर्थात् जो जो विधि और नियम मैं ने सारे इस्राएलियों के लिये उसको होरेब में दिए थे, उनको स्मरण रखो।

5 “देखो, यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहले, मैं तुम्हारे पास एलिय्याह नबी को भेजूँगा।  

6 वह माता-पिता के मन को उनके पुत्रों की ओर, और पुत्रों के मन को उनके माता-पिता की ओर फेरेगा; ऐसा न हो कि मैं आकर पृथ्वी का सत्यानाश करूँ।”

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