Psalms

122

Hindi O.V. (Re-edited)

1 यात्रा का गीत : दाऊद का जब लोगों ने मुझ से कहा, “आओ, हम यहोवा के भवन को चलें,” तब मैं आनन्दित हुआ।

2 हे यरूशलेम, तेरे फाटकों के भीतर, हम खड़े हो गए हैं!

3 हे यरूशलेम, तू ऐसे नगर के समान बना है, जिसके घर एक दूसरे से मिले हुए हैं।

4 वहाँ याह के गोत्र गोत्र के लोग यहोवा के नाम का धन्यवाद करने को जाते हैं; यह इस्राएल के लिये साक्षी है।

5 वहाँ तो न्याय के सिंहासन, दाऊद के घराने के लिये रखे हुए हैं।

6 यरूशलेम की शान्ति का वरदान माँगो, तेरे प्रेमी कुशल से रहें!

7 तेरी शहरपनाह के भीतर शान्ति, और तेरे महलों में कुशल होवे!

8 अपने भाइयों और संगियों के निमित्त, मैं कहूँगा कि तुझ में शान्ति होवे!

9 अपने परमेश्‍वर यहोवा के भवन के निमित्त, मैं तेरी भलाई का यत्न करूँगा।

© Bible Society of India